आज की ताजा खबर

उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ की हुंकार: 17 अक्टूबर से संपूर्ण कार्य बहिष्कार की चेतावनी, मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन

top-news

लक्ष्मी शरण सिंह राठौड़

फर्रुखाबाद l अपनी वर्षों पुरानी मांगों को लेकर शासन स्तर पर कोई सुनवाई न होने से क्षुब्ध उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ ने अब आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ (उपशाखा- तहसील अमृतपुर) द्वारा दरी बिछाकर धरना प्रदर्शन किया गया। और लेखपाल संघ जिंदाबाद के नारे लगाए गए।

साथ ही मुख्यमंत्री को संबोधित एक विस्तृत मांग पत्र उपजिलाधिकारी अमृतपुर स्वेता साहू को सौंपा है। लेखपाल संघ ने साफ चेतावनी दी है कि यदि 17 अक्टूबर 2026 तक उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई या शासनादेश निर्गत नहीं किया गया, तो प्रदेश भर के समस्त लेखपाल चरणबद्ध तरीके से संपूर्ण कार्य बहिष्कार के लिए विवश होंगे। इस आंदोलन से प्रशासनिक कार्यों में उत्पन्न होने वाली किसी भी रुकावट की पूरी जिम्मेदारी राजस्व परिषद और शासन की होगी।


लेखपाल संघ के तहसील अध्यक्ष उदय प्रताप सिंह और तहसील मंत्री/सचिव पवन कुमार यादव ने बताया कि लेखपाल राजस्व प्रशासन की रीढ़ होने के बावजूद निरंतर बढ़ते कार्यभार, संसाधनों के अभाव, वेतन विसंगति और अवकाश के दिनों में भी काम करने के दबाव के कारण भारी मानसिक पीड़ा झेल रहे हैं।

ज्ञापन में उठाई गईं प्रमुख 8 सूत्रीय मांगें:

 1. वेतन विसंगति दूर कर 2800 ग्रेड पे की मांग: विगत 10 वर्षों से लेखपाल संवर्ग के लिए प्रारंभिक वेतनमान लेवल 5 (ग्रेड पे-2800) करने की मांग लंबित है। राजस्व परिषद की संस्तुति के बावजूद शासन स्तर से इस पर निर्णय नहीं लिया जा सका है।

2. अन्तरमण्डलीय स्थानांतरण नीति: विगत 8 वर्षों से अन्तरमण्डलीय स्थानांतरण न होने के कारण लगभग 2700 लेखपाल अपने गृह जनपद और गृह मंडल से 400 से 800 किलोमीटर दूर कार्यरत हैं। संघ ने ऑनलाइन पोर्टल पुनः खोलकर इनके गृह मंडल में ट्रांसफर की मांग की है।

3. समय से डीपीसी व पदोन्नति सूची: चयन वर्ष 2025-26 के लिए विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की कार्यवाही 29 अप्रैल 2026 को पूर्ण होने के बावजूद आज तक पदोन्नति सूची जारी नहीं की गई है।

4. विभागीय परीक्षा परिणाम घोषित करना: चयन वर्ष 2024 के नवनियुक्त लेखपालों की प्रशिक्षण परीक्षा 13 सितंबर 2025 को संपन्न होने के बाद भी 12 माह बीत जाने पर परीक्षा परिणाम और प्रमाण पत्र जारी नहीं किए गए हैं, जिससे उनका स्थायीकरण लटका हुआ है।

5. 16 वर्षों से लंबित भत्तों में वृद्धि: संघ ने मांग की है कि स्टेशनरी भत्ता 100 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये, नियत यात्रा भत्ता के स्थान पर मोटरसाइकिल/वाहन भत्ता 1500 रुपये और विशेष भत्ता 100 रुपये से बढ़ाकर 1000 रुपये प्रति माह किया जाए।

6. सम्बद्ध लेखपालों की तत्काल अवमुक्ति: परिषद के स्पष्ट आदेशों के विपरीत भूलेख कार्यालयों और पटलों पर सम्बद्ध किए गए लेखपालों को अवमुक्त करने की मांग की गई है, क्योंकि इससे मूल कार्य गंभीर रूप से प्रभावित हो रहे हैं।

7. ग्राम सचिवालयों में मूलभूत सुविधाएं: अधिकांश ग्राम सचिवालयों में लेखपालों के लिए पृथक कक्ष, फर्नीचर, सुरक्षित अभिलेख कक्ष, कंप्यूटर, इंटरनेट, बिजली और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। एक-एक लेखपाल पर 4 से 5 ग्रामों का प्रभार होने के कारण कार्य संचालन में भारी असुविधा हो रही है।

8. तकनीकी पद घोषित करने की मांग: विगत 10 वर्षों से ऑनलाइन कार्य पूरी निष्ठा से कर रहे लेखपालों के पद को 'टेक्निकल पद' घोषित किया जाए और उन्हें उच्च तकनीकी संसाधन जैसे लैपटॉप व मोबाइल उपलब्ध कराए जाएं।

 इसके अतिरिक्त लेखपाल संघ ने 20 अगस्त 2026 को तहसील सोहावल (जनपद अयोध्या) में उत्कर्षदीप नामक लेखपाल के साथ एंटी करप्शन टीम द्वारा की गई जबरन ट्रैपिंग की घटना पर भी गहरी चिंता और रोष व्यक्त किया है। संघ ने मुख्यमंत्री से इन सभी मांगों पर तत्काल संज्ञान लेकर शासनादेश जारी करने का विशेष अनुरोध किया है।

 

पेपर व डिजिटल मे विज्ञापन हेतु संपर्क करे

संपर्क सूत्र - +91 77549 54126

https://lokbharti.co.in/ad/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *